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Sunday, March 31, 2024

आरपीएफ सहायक उपनिरीक्षक पांडेय सेवानिवृत्त


 

मुंब्रा. रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उप निरीक्षक ओम प्रकाश राम प्रसाद पांडेय के सेवानिवृत्त होने पर मुंब्रा आरपीएफ कार्यालय में 31 मार्च को विदाई समारोह का आयोजन किया गया. ओम प्रकाश पांडेय 40 वर्षों तक सफलता पूर्वक सेवा देते हुए सेवानिवृत्त हुए. इस दौरान पांडेय को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. रविवार को आयोजित हुए विदाई समारोह में मुंब्रा निरीक्षक पवन कुमार ,दिवा के आरपीएफ के निरीक्षक गिरीश चंद्र तिवारी, उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा, जावेद शेख, प्रतिभा सालुंके, एसबी सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, हिंदी दैनिक नवभारत के ठाणे प्रभारी राकेश पांडेय, राम प्रताप विश्वकर्मा, शिवशक्ति ब्रह्मांड कल्याण सेवा संस्था संस्थापक रामजी तिवारी, कैलाश नाथ दुबे, भरत तिवारी, भावेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे. मालूम हो कि ओम प्रकाश पांडेय की आरक्षक के तौर पर पहली पोस्टिंग परेल वर्कशॉप में हुई थी. वर्ष 1984 में आरपीएफ में भर्ती हुए पांडेय मुंबई सहित उप नगरों के स्टेशनों पर तैनात रहे. वर्ष 2006 में हवलदार के तौर पर इनका प्रमोशन हुआ. इसके बाद वर्ष 2018 में सहायक उपनिरीक्षक पद पर इनकी पदोन्नति हुई. सहायक उपनिरीक्षक के पद पर कार्य करते हुए ओमप्रकाश पांडेय मुंब्रा आरपीएफ से रविवार 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए. मुंब्रा आरपीएफ कार्यालय में विदाई समारोह में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा.

Monday, March 18, 2024

अपने परिवार में अजीत पवार पड़े अलग थलग


 

अजित पवार ने बारामती में इन दिनों भावनात्मक अपील करते हुए नजर आ रहें हैं उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि  मैं परिवार में अकेला रह जाऊंगा, आप मेरा साथ दें. जिसके बाद ये बात सामने आ रही है कि अजित पवार वाकई परिवार में अलग-थलग पड़ गए हैं. अजित पवार के करीबी भाई श्रीनिवास पवार ने अजित पवार के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है. सुप्रिया सुले की मुहिम में भाभी शर्मिला पवार भी शामिल हो गई हैं. अजित पवार ने कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि उन्हें परिवार से अलग-थलग न किया जाए. तो अब चर्चा शुरू हो गई कि क्या अजित पवार को परिवारों को अलग-थलग कर दिया है.

अजित पवार बीजेपी में शामिल हो गए, लेकिन अजित पवार का बीजेपी में शामिल होना पवार परिवार को पसंद नहीं आया. तो अब अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास पवार और उनकी पत्नी शर्मिला पवार ने अजित पवार के खिलाफ और सुप्रिया सुले के समर्थन में प्रचार शुरू कर दिया है इससे एक बार फिर राजनीति में सियासी घमासान की चर्चा होने लगी है.

चाचा के खिलाफ भतीजा
अजित पवार ने जो कहा था वह अब सच होता दिख रहा है. सबसे पहले अजित पवार के खिलाफ उनके भतीजे युगेंद्र पवार मैदान में उतरे. शरद पवार के जन्मदिन के मौके पर युगेंद्र पवार ने बारामती में एक भव्य कुश्ती का आयोजन किया. इसके बाद अब योगेन्द्र पवार सीधे बारामती में चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं. सुप्रिया सुले ने बारामती में कहा था कि हर चुनाव की तरह, पवार परिवार से मेरे भाई और भाभी मेरे लिए प्रचार करेंगे और वही हुआ।

बारामती से पत्र वायरल
इसी बीच सोशल मीडिया पर 'बारामती  की भूमिका' शीर्षक से एक पत्र वायरल हो गया. इसमें सीधे तौर पर पवार परिवार के अंदरूनी मामले उजागर हुए और राजेंद्र पवार ने सीधे तौर पर अजित पवार पर निशाना साधा. राजेंद्र पवार के बाद सुनंदा पवार और साई पवार को इंदापुर में चुनाव प्रचार करते देखा गया.

पूरा परिवार अजित पवार के खिलाफ है
अजित पवार की भावनात्मक अपील के बाद सुप्रिया सुले के लिए प्रचार करने के लिए पवार परिवार के अन्य सदस्य मैदान में उतर गए हैं. युगेंद्र पवार, सुनंदा पवार, साई पवार राजेंद्र पवार और अब शर्मिला और श्रीनिवास पवार प्रचार में उतर आए हैं और सीधे तौर पर अजित पवार की आलोचना करने लगे हैं. रोहित पवार पहले ही अपने चाचा के खिलाफ मोर्चा संभालते नजर आ चुके हैं.

इंदापुर और पुरंदर में विरोध
एक तरफ बीजेपी और अजित पवार सुप्रिया सुले का तख्तापलट करने के लिए कमर कस रहे हैं. वहीं, अब महागठबंधन के नाम भी सामने आने लगे हैं. एक तरफ इंदापुर में हर्षवर्धन पाटिल तो दूसरी तरफ पुरंदर में विजय शिवतारे अजित पवार का विरोध करते नजर आ रहे हैं. विजय शिवतारे ने घोषणा की कि वह बारामती लोकसभा क्षेत्र से सीधे चुनाव लड़ेंगे. इसलिए तस्वीर यह है कि आने वाले समय में सुनेत्रा पवार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।


यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि सुप्रिया सुले के खिलाफ सुनेत्रा पवार चुनाव लड़ेंगी. बारामती में सुनेत्रा पवार का प्रचार अभियान भी शुरू हो गया है. इस अभियान में सुनेत्रा पवार और जय पवार घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं. चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शरद पवार की हार महत्वपूर्ण है.

श्रीनिवास पवार अब सीधे तौर पर अजित पवार के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं. इसलिए अजित पवार के समर्थक श्रीनिवास पवार का विरोध कर रहे हैं. वहीं शरद पवार के समर्थक श्रीनिवास पवार का समर्थन करते नजर आ रहे हैं.

अजित पवार शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में आए थे, लेकिन अब अजित पवार ने अपने चाचा का साथ छोड़ दिया है. जिस शरद पवार ने अजित पवार को राजनीति की ट्रेनिंग दी, अजित पवार ने अपने चाचा का साथ छोड़ दिया.  

Thursday, March 14, 2024

नवी मुंबई में विजय चौगुले और गणेश नाईक के बीच आखिर कैसे मधुर होंगे रिश्ते ?


 

यहाँ मतभेद नहीं बल्कि मनभेद का विवाद है 

मनीष अस्थाना
नवी मुंबई में भाजपा नेता गणेश नाईक और शिवसेना जिला प्रमुख विजय चौगुले के बीच रिश्ते दिन ब दिन खराब होते जा रहें हैं राज्य में भाजपा शिवसेना की सरकार होने के बावजूद आपसी रिश्तों को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किए जा रहें और न ही दोनो दलों के वरिष्ठ नेता दोनों लोगों के बीच रिश्तों को सुधारने में गंभीर दिखाई दे रहें है। जिसकी वजह से दोनों लोगों के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। बढ़ते विवाद के कारण अब एक दूसरे के समर्थक भी खुलकर सामने आने लगे हैं जिसकी वजह से विवाद और भी तूल पकड़ रहा है। 

इन दिनों जिस तरह से दोनो के बीच वाद विवाद चल रहा है उसके बाद नवी मुंबई में इस बात की जोरदार चर्चा की जा रही है कि मतभेद तो किसी तरह दूर किए जा सकते हैं लेकिन मनभेद को दूर नहीं किया जा सकता है । गणेश नाईक और शिवसेना जिला प्रमुख विजय चौगुले के बीच मनभेद है जिसे कोई भी वरिष्ठ नेता दूर नहीं कर सकता है और यही बात दोनों पार्टियों के लिए नुकसानदायक साबित होगी। इन दोनों लोगों के बीच कोई नया विवाद नहीं है विवाद काफी पुराना है। जिसे सुलझाने के कोई प्रयास अतीत में नहीं किए गए जिसकी वजह से दोनों के बीच मनभेद गहरे ही होते चले गए। देखा जाए तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना में गणेश नाईक के विरोधी सिर्फ विजय चौगुले ही नहीं बल्कि किशोर पाटकर , सुरेश कुलकर्णी भी हैं जो खुलकर नाईक परिवार का विरोध करते हुए देखे जाते हैं। लेकिन विजय चौगुले और गणेश नाईक के बीच मनभेद कुछ अधिक है शायद इसलिए यह दोनों लोग एक दूसरे की निजी जिंदगी को लेकर भी एक दूसरे पर हमलावर रहते हैं।  

इन दिनों गणेश नाईक के बेटे संजीव नाईक लोकसभा टिकट को लेकर दावेदार बने है ऐसे में पार्टी की जीत के लिए दोनो के बीच सामंजस्य होना बेहद जरूरी है ।गणेश नाईक और विजय चौगुले के बीच वाकयुद्ध कोई पहली बार नहीं छिड़ा है इससे पहले भी दोनों के बीच वाकयुद्ध होते रहे हैं। इसी आपसी मनभेद की वजह से राज्य में भाजपा - शिवसेना की सरकार होने के बावजूद एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता कभी भी गणेश नाईक के साथ एक मंच पर नहीं आए हालांकि कई मौके ऐसे आए जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नवी मुंबई में मनपा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आये लेकिन उन कार्यक्रमों में विजय चौगुले दिखाई नहीं दिए। ठाणे लोकसभा सीट से गणेश नाईक के पुत्र संजीव नाईक की दावेदारी के बाद नवी मुंबई में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने दबी जुबान से विरोध करना भी शुरू कर दिया गया। कुछ दिनों पहले नवी मुंबई में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पदाधिकारी ऐरोली में राजन विचारे के साथ एक मंच पर मौजूद थे , इससे इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि लोकसभा का टिकट संजीव नाईक को पार्टी दे देती है तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पदाधिकारी राजन उद्धव ठाकरे की शिवसेना के प्रत्याशी राजन विचारे के लिए काम करने में तनिक भी संकोच नहीं करेंगे जिसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। 

अभी कुछ दिनों पहले दीघा में मनपा के एक स्कूल के उद्घाटन को लेकर जिस तरह का माहौल बना और विजय चौगुले तथा गणेश नाईक के बीच जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया वह दोनों दलों को आगे बढ़ाने वाली कतई नहीं थी। उसके बाद गणेश नाईक के समर्थकों ने खुलकर कहना शुरू कर दिया है कि विजय चौगुले का व्यवहार गठबंधन के लिए ठीक नहीं है , कुछ इसी तरह के आरोप गणेश नाईक पर भी लगाए जा रहें हैं। गणेश नाईक की तरफ से अनंत सुतार ने मोर्चा संभाल रखा है जबकि विजय चौगुले अपना मोर्चा खुद संभाले हुए हैं। 

'कमल पर चुनाव लड़ें'; बीजेपी के प्रस्ताव पर राज ठाकरे का तीखा जवाब

 



मुंबई: आगामी लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में इस समय राजनीतिक गलियारों में बीजेपी-एमएनएस गठबंधन की जमकर चर्चा हो रही है. लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि एमएनएस लोकसभा चुनाव लड़ेगी या नहीं. इसी तरह जानकारी सामने आई है कि बीजेपी ने एमएनएस को लोकसभा चुनाव के लिए 1 से 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन बीजेपी और शिवसेना ने यह चुनाव कमल के निशान पर लड़ने की मांग की है. लेकिन इस प्रस्ताव को मनसे ने खारिज कर दिया है  लेकिन सूत्रों ने जानकारी दी है कि बीजेपी फिर से एमएनएस के पास प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। 

उल्लेखनीय है कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. पिछले कई दिनों से मनसे के महागठबंधन में शामिल होने की चर्चा चल रही है. उधर, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने आदेश दिया है कि लोकसभा चुनाव लड़ना है या नहीं, इसका फैसला मैं अगले तीन से चार दिनों में करूंगा, लेकिन तब तक आप काम करते रहिए. ऐसे में जानकारी सामने आई है कि महायुति ने एमएनएस को 1 से 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन राज ठाकरे ने बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के महागठबंधन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है इसलिए महागठबंधन की ओर से एमएनएस को नया प्रस्ताव दिये जाने की संभावना है. सूत्रों ने एक-दो दिन में फिर से नया प्रस्ताव दिये जाने की संभावना जतायी है.

कुछ दिन पहले मनसे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी. ऐसा देखा जा रहा है कि मनसे को कैसे साथ लिया जा सकता है, इसके लिए वरिष्ठ स्तर पर चर्चा चल रही है. इसके साथ ही कुछ दिन पहले उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा था कि मनसे और हमारी स्थिति में ज्यादा अंतर नहीं है. देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, ''मनसे द्वारा अपनाया गया व्यापक रुख हमारे साथ असंगत नहीं है। इसलिए, हम क्षेत्रीय पहचान को स्वीकार करते हैं। हमें महाराष्ट्र में रहते हुए मराठी लोगों के मुद्दों को उठाना चाहिए। हमने यह भी महसूस किया कि एक व्यापक रुख होना चाहिए। 

अटल सेतु से बेहतरीन बस यात्रा; बस का नंबर क्या है, टिकट के दाम कितने हैं?

 


नवी मुंबई।  मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाले ट्रांस हार्बर लिंक रोड यानी अटल सेतु से, जिसे देश का अब तक का सबसे लंबा समुद्री पुल कहा जाता है। साल 2024 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया. उसके बाद से कई वाहन इस अटल पुल पर आवागमन करने और अपने इच्छित गंतव्य तक पहुँचते थे। यह अटल सेतु शहर में यातायात की भीड़ को कम करने और यात्रा के समय को बड़े अंतर से कम करके कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हुआ। अब इस मार्ग पर बेस्ट बस का सफर भी शुरू हो गया है.

गुरुवार (आज) से BEST की ओर से यात्री बस सेवा इस अटल सेतु मार्ग से शुरू हो गई है, जो नवी मुंबई को मुंबई के मुख्य शहर से सीधे जोड़ता है। यह बस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (मुंबई) से कोकण भवन (सीबीडी बेलापुर) के रूट पर चलेगी।

अटल सेतु के उद्घाटन के बाद से ही इस रूट पर BEST की बस सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी . जिसके बाद कई बातों पर विचार करते हुए BEST ने बस संख्या S-145 बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया. दरअसल, इस यात्रा को शुरू करने से पहले BEST की ओर से इस रूट का परीक्षण किया गया और उसी के अनुसार यह फैसला लेकर बस सेवा शुरू की गयी। 

उक्त निर्णय के बाद अब यह बस सेवा सोमवार से शनिवार तक यात्रियों की सेवा में शामिल होगी. दिन की पहली बस कोकण भवन सीबीडी से सुबह 7.30 और 8 बजे रवाना होगी। तो, बस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से शाम 5:30 बजे और 6 बजे रवाना होगी।

अटल सेतु से बसों का रूट क्या होगा?
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर → यशवंतराव चव्हाण फाउंडेशन (मंत्रालय) → डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौक → छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (जीपीओ) → ईस्ट फ्रीवे अटल सेतु → उल्वे नोड → किल्ले गाँव थन → बामन डोंगरी रेलवे स्टेशन → कोकण भवन सीबीडी बेलापुर

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कोकण भवन सीबीडी तक पूरी यात्रा के लिए बस किराया वर्तमान में 225 रुपये है। तो, इस बस यात्रा के लिए न्यूनतम किराया 50 रुपये होगा। बेस्ट प्रशासन की ओर से यात्रियों से इस बस सेवा का लाभ उठाने की अपील की जा रही है, जिसे यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है.

Wednesday, March 13, 2024

उलवे में बामन डोंगरी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 243 दुकानें बेच रही सिडको


 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आज से शुरू 


नवी मुंबई। सिडको ने नवी मुंबई के उल्वे नोड में बामन डोंगरी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 243 दुकानें बेचने की योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत उल्वे नोड में व्यवसायियों के लिए 243 दुकानें उपलब्ध कराई गई हैं।  सिडको द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस योजना के माध्यम से, सिडको के उल्वे नोड में बामन डोंगरी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 243 दुकानों को ई-टेंडरिंग और ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। उक्त प्रक्रिया के लिए एक वेबसाइट https://eauction.cidcoindia.com/ उपलब्ध कराई गई है। योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अवधि 14 मार्च 2024 से 13 अप्रैल 2024 तक है। योजना का परिणाम 15 अप्रैल 2024 को घोषित किया जाएगा।

पता हो कि उल्वे नोड को रेल और सड़क मार्ग से अच्छी कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। बामन  डोंगरी में सिडको हाउसिंग कॉम्प्लेक्स की नेरुल-उरण उपनगरीय रेलवे लाइन पर बामांडोंगरी स्टेशन के माध्यम से कनेक्टिविटी है। साथ ही, इस हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का क्षेत्र MATHL समुद्री पुल से कुछ दुरी पर है । नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और जेएनपीटी पोर्ट सभी बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरक कारक होंगे।

सिडको आवासीय एवं वाणिज्यिक भूखंडों, दुकानों, वाणिज्यिक परिसरों की बिक्री के लिए लगातार योजनओं पर काम कर रहा है । अब तक लागू की गई योजनाएं नागरिकों, से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. इस योजना के माध्यम से उल्वे क्षेत्र में व्यापार वृद्धि के अवसर व्यवसायियों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं और विशेष रूप से मध्यम और छोटे व्यवसायियों के लिए यह योजना बहुत उपयोगी है। हालांकि, सिडको ने अपील करते हुए कहा है कि ज्यादा से ज्यादा प्रोफेशनल्स इस स्कीम का फायदा उठाएं.  

“सिडको ने नवी मुंबई में उल्वे नोड के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में दुकानें बेचने की योजना प्रस्तुत की है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह योजना बहुत उपयोगी होगी और मैं अधिक से अधिक व्यापारियों से इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह करता हूं।
 विजय सिंघल
उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
 


सिडको की अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दो नए मार्गों की योजना


 

नवी मुंबई। नवी मुंबई मेट्रो प्रोजेक्ट लाइन 1  शुरू होने के बाद, सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको) नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएन्स नोटिफाइड एरिया (NAINA) में दो नए मार्गों के साथ अपने मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बनाई है। इन मार्गों को निर्माणाधीन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और व्यापक शहर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। यह कदम क्षेत्र के लिए सिटी और सिडको की व्यापक गतिशीलता योजना का हिस्सा है।

मेट्रो विस्तार के लिए 690 करोड़ का बजट 
जानकारी के अनुसार सिडको ने इन परियोजनाओं के लिए आगे बढ़ाने के लिए एक सलाहकार नियुक्त करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। माना जा रहा है कि सिडको का यह कदम केंद्र सरकार से अनुदान सुरक्षित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास  है। सिडको के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने हाल ही में प्रस्तुत वार्षिक बजट में नैना क्षेत्र के विकास के लिए 539.37 करोड़ रुपये और क्षेत्र में मेट्रो विस्तार के लिए 690 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के 25 किमी के दायरे में 174 गांवों को शामिल करते हुए, नैना 371 वर्ग किमी को कवर करता है।

पनवेल तथा तलोजा के लोगों को होगी सुविधा 
सिडको ने नैना क्षेत्र के भीतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए दो नए मेट्रो मार्गों का प्रस्ताव दिया है। पहले मार्ग की योजना उल्वे तटीय सड़क से रायगढ़ के अंबिवली तक बनाई गई है, जिसमें नैना क्षेत्रों से हवाई अड्डे तक कनेक्टिविटी में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। विचाराधीन दूसरा प्रस्तावित मार्ग कलंबोली-चिखले-कोन कॉरिडोर है। नवी मुंबई हवाई अड्डे के प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र और हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के अलावा, इस मार्ग का उद्देश्य तलोजा एमआईडीसी, पनवेल और पड़ोसी क्षेत्रों जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुँचने में आसानी हो जाएगी। 

केंद्र सरकार देगी 20 प्रतिशत अनुदान 
इस बारे में सिडको के जनसंपर्क अधिकारी (नैना), मोहन निनावे ने बताया कि तलोजा से हवाई अड्डे (लाइन 2, 3, और 4), बेलापुर से मानखुर्द (लाइन 8 ए), और हवाई अड्डे से बेलापुर (लाइन 1 ए) तक कनेक्शन बनाए जा रहे हैं।  उन्होंने बताया कि "नवी मुंबई मेट्रो लाइनों द्वारा तय की गई कुल दूरी 40 किमी है, और नैना में यह 30 किमी होगी, जो कुल 70 किमी होगी। मोहन निनावे के अनुसार, केंद्र सरकार से 20 प्रतिशत अनुदान की उम्मीद है। 

निनावे ने प्रस्तावित मेट्रो लाइनों के औचित्य के लिए सरकार की मेट्रो रेल नीति के अनुसार बनाई जाने वाली योजना के बारे में बताया । सिडको ने सीएमपी तैयार करने के लिए सलाहकारों को नियुक्त करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक बार सीएमपी को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, सिडको परियोजना के वित्तीय अनुदान के लिए के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया जाएगा।